Noun and the Case

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Case (कारक) – अंग्रेजी में कारक एक वाक्य में दूसरे शब्दों के साथ उनके संबंध के अनुसार संज्ञा और सर्वनाम के कार्यों को बताता है तथा संज्ञा और सर्वनाम को अंग्रेजी में सही ढंग से कैसे लिखा जाए ये बताता है।
Noun and the Case – In English Cases define the functions of noun and pronoun and it also tells about how to write a noun and a pronoun properly in English.

अंग्रेजी में कारक के तीन प्रकार है।
There are three types of Cases in English.


1) Subjective or Nominative Case (
कर्ता कारक)
2) Objective Case (कर्म कारक)
3) Possessive Case (सम्बंध कारक)

1) Nominative Case (कर्ता कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्ता अर्थात् subject की तरह कार्य करती है उसे कर्ता कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as a subject of a verb in a sentence, it is called as Nominative case.

आइए कुछ उदाहरण लेकर समझे

अकबर एक महान राजा था।
Akbar was a great king.

रवि
 मेरा दोस्त है।
Ravi is my friend.

वह
 इंदौर में रहता है।
He lives in indore.


इन
तीनों वाक्यों में
Akbar, Ravi, He वाक्य में  was, is, lives के Subject की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Nominative Case कहते है जहां Subject को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences Akbar, Ravi, He is used  as a Subject of was, is, lives so it is called a Nominative Case where Subject is given more importance.

2) Objective Case (कर्म कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्म अर्थात् object की तरह कार्य करते है उसे कर्म कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as an object of a verb in a sentence, it is called as Objective Case.


आइए
कुछ उदाहरण लेकर समझे


1) Matty
आपको अंग्रेजी पढ़ाता है।

Matty teaches you English.


सचिन
ने हमारी मदद की।

Sachin helped us.

मेरा कल उससे मिलना हुआ। 
I happened to meet him yesterday.


इन
तीनों वाक्यों में
  you, us, him वाक्य में teaches, helped, meet के Object की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Objective Case कहते है जहां Object को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences you, us, him is used as a Object of teaches, helped, meet so it is called a Objective Case where Object is given more importance.

3) Possessive Case (सम्बंध कारक) – जब एक संज्ञा किसी वाक्य में किसी अन्य संज्ञा पर अपना सम्बंध या अधिकार दिखाती हैतो उसे सम्बंध कारक कहते है।
When a Pronoun shows its possession on another noun in a sentence is called as a Possessive Case.


आइए
कुछ उदाहरण लेकर समझे


यह
 मेरा है।

This/It is mine.

यह कार संजय की है।
This is Sanjay’s Car.

वह मेरा भाई है।
He is my brother.


इन
तीनों वाक्यों में
  mine, Sanjay’s, my वाक्य में  अधिकार को दर्शाते है इसलिए इसे Possessive Case कहते है जहां Possession दिखाया  जाता है।
In these three sentences mine, Sanjay’s, my shows possession hence it is called a Possessive Case where Possession is shown.

तो ये थे कारक तथा उसके प्रकार अब देखते है कि इन्हें किस तरह से लिखा जाता है यहाँ नीचे आपको एक बटन दिखाई दे रहा होगा। जिसमें मैने कारक को हिंदी में भी लिखा है और इंग्लिश में भी इसे समझाया है आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे पढ़ सकते है।
So this is all about Cases and their types, now let’s see how they are written in English, below you will see a button in which I have written the Cases in the bilingual approach you can read both of them according to your convenience. 

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Case (कारक) – अंग्रेजी में कारक एक वाक्य में दूसरे शब्दों के साथ उनके संबंध के अनुसार संज्ञा और सर्वनाम के कार्यों को बताता है तथा संज्ञा और सर्वनाम को अंग्रेजी में सही ढंग से कैसे लिखा जाए ये बताता है।
Noun and the Case – In English Cases define the functions of noun and pronoun and it also tells about how to write a noun and a pronoun properly in English.

अंग्रेजी में कारक के तीन प्रकार है।
There are three types of Cases in English.


1) Subjective or Nominative Case (
कर्ता कारक)
2) Objective Case (कर्म कारक)
3) Possessive Case (सम्बंध कारक)

1) Nominative Case (कर्ता कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्ता अर्थात् subject की तरह कार्य करती है उसे कर्ता कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as a subject of a verb in a sentence, it is called as Nominative case.

आइए कुछ उदाहरण लेकर समझे

अकबर एक महान राजा था।
Akbar was a great king.

रवि
 मेरा दोस्त है।
Ravi is my friend.

वह
 इंदौर में रहता है।
He lives in indore.


इन
तीनों वाक्यों में
Akbar, Ravi, He वाक्य में  was, is, lives के Subject की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Nominative Case कहते है जहां Subject को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences Akbar, Ravi, He is used  as a Subject of was, is, lives so it is called a Nominative Case where Subject is given more importance.

2) Objective Case (कर्म कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्म अर्थात् object की तरह कार्य करते है उसे कर्म कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as an object of a verb in a sentence, it is called as Objective Case.


आइए
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1) Matty
आपको अंग्रेजी पढ़ाता है।

Matty teaches you English.


सचिन
ने हमारी मदद की।

Sachin helped us.

मेरा कल उससे मिलना हुआ। 
I happened to meet him yesterday.


इन
तीनों वाक्यों में
  you, us, him वाक्य में teaches, helped, meet के Object की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Objective Case कहते है जहां Object को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences you, us, him is used as a Object of teaches, helped, meet so it is called a Objective Case where Object is given more importance.

3) Possessive Case (सम्बंध कारक) – जब एक संज्ञा किसी वाक्य में किसी अन्य संज्ञा पर अपना सम्बंध या अधिकार दिखाती हैतो उसे सम्बंध कारक कहते है।
When a Pronoun shows its possession on another noun in a sentence is called as a Possessive Case.


आइए
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यह
 मेरा है।

This/It is mine.

यह कार संजय की है।
This is Sanjay’s Car.

वह मेरा भाई है।
He is my brother.


इन
तीनों वाक्यों में
  mine, Sanjay’s, my वाक्य में  अधिकार को दर्शाते है इसलिए इसे Possessive Case कहते है जहां Possession दिखाया  जाता है।
In these three sentences mine, Sanjay’s, my shows possession hence it is called a Possessive Case where Possession is shown.

तो ये थे कारक तथा उसके प्रकार अब देखते है कि इन्हें किस तरह से लिखा जाता है यहाँ नीचे आपको एक बटन दिखाई दे रहा होगा। जिसमें मैने कारक को हिंदी में भी लिखा है और इंग्लिश में भी इसे समझाया है आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे पढ़ सकते है।
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Case (कारक) – अंग्रेजी में कारक एक वाक्य में दूसरे शब्दों के साथ उनके संबंध के अनुसार संज्ञा और सर्वनाम के कार्यों को बताता है तथा संज्ञा और सर्वनाम को अंग्रेजी में सही ढंग से कैसे लिखा जाए ये बताता है।
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अंग्रेजी में कारक के तीन प्रकार है।
There are three types of Cases in English.


1) Subjective or Nominative Case (
कर्ता कारक)
2) Objective Case (कर्म कारक)
3) Possessive Case (सम्बंध कारक)

1) Nominative Case (कर्ता कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्ता अर्थात् subject की तरह कार्य करती है उसे कर्ता कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as a subject of a verb in a sentence, it is called as Nominative case.

आइए कुछ उदाहरण लेकर समझे

अकबर एक महान राजा था।
Akbar was a great king.

रवि
 मेरा दोस्त है।
Ravi is my friend.

वह
 इंदौर में रहता है।
He lives in indore.


इन
तीनों वाक्यों में
Akbar, Ravi, He वाक्य में  was, is, lives के Subject की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Nominative Case कहते है जहां Subject को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences Akbar, Ravi, He is used  as a Subject of was, is, lives so it is called a Nominative Case where Subject is given more importance.

2) Objective Case (कर्म कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्म अर्थात् object की तरह कार्य करते है उसे कर्म कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as an object of a verb in a sentence, it is called as Objective Case.


आइए
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1) Matty
आपको अंग्रेजी पढ़ाता है।

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सचिन
ने हमारी मदद की।

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मेरा कल उससे मिलना हुआ। 
I happened to meet him yesterday.


इन
तीनों वाक्यों में
  you, us, him वाक्य में teaches, helped, meet के Object की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Objective Case कहते है जहां Object को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences you, us, him is used as a Object of teaches, helped, meet so it is called a Objective Case where Object is given more importance.

3) Possessive Case (सम्बंध कारक) – जब एक संज्ञा किसी वाक्य में किसी अन्य संज्ञा पर अपना सम्बंध या अधिकार दिखाती हैतो उसे सम्बंध कारक कहते है।
When a Pronoun shows its possession on another noun in a sentence is called as a Possessive Case.


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यह
 मेरा है।

This/It is mine.

यह कार संजय की है।
This is Sanjay’s Car.

वह मेरा भाई है।
He is my brother.


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तीनों वाक्यों में
  mine, Sanjay’s, my वाक्य में  अधिकार को दर्शाते है इसलिए इसे Possessive Case कहते है जहां Possession दिखाया  जाता है।
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तो ये थे कारक तथा उसके प्रकार अब देखते है कि इन्हें किस तरह से लिखा जाता है यहाँ नीचे आपको एक बटन दिखाई दे रहा होगा। जिसमें मैने कारक को हिंदी में भी लिखा है और इंग्लिश में भी इसे समझाया है आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे पढ़ सकते है।
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Noun and the Case – In English Cases define the functions of noun and pronoun and it also tells about how to write a noun and a pronoun properly in English.

अंग्रेजी में कारक के तीन प्रकार है।
There are three types of Cases in English.


1) Subjective or Nominative Case (
कर्ता कारक)
2) Objective Case (कर्म कारक)
3) Possessive Case (सम्बंध कारक)

1) Nominative Case (कर्ता कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्ता अर्थात् subject की तरह कार्य करती है उसे कर्ता कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as a subject of a verb in a sentence, it is called as Nominative case.

आइए कुछ उदाहरण लेकर समझे

अकबर एक महान राजा था।
Akbar was a great king.

रवि
 मेरा दोस्त है।
Ravi is my friend.

वह
 इंदौर में रहता है।
He lives in indore.


इन
तीनों वाक्यों में
Akbar, Ravi, He वाक्य में  was, is, lives के Subject की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Nominative Case कहते है जहां Subject को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences Akbar, Ravi, He is used  as a Subject of was, is, lives so it is called a Nominative Case where Subject is given more importance.

2) Objective Case (कर्म कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्म अर्थात् object की तरह कार्य करते है उसे कर्म कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as an object of a verb in a sentence, it is called as Objective Case.


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तीनों वाक्यों में
  you, us, him वाक्य में teaches, helped, meet के Object की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Objective Case कहते है जहां Object को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences you, us, him is used as a Object of teaches, helped, meet so it is called a Objective Case where Object is given more importance.

3) Possessive Case (सम्बंध कारक) – जब एक संज्ञा किसी वाक्य में किसी अन्य संज्ञा पर अपना सम्बंध या अधिकार दिखाती हैतो उसे सम्बंध कारक कहते है।
When a Pronoun shows its possession on another noun in a sentence is called as a Possessive Case.


आइए
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यह
 मेरा है।

This/It is mine.

यह कार संजय की है।
This is Sanjay’s Car.

वह मेरा भाई है।
He is my brother.


इन
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  mine, Sanjay’s, my वाक्य में  अधिकार को दर्शाते है इसलिए इसे Possessive Case कहते है जहां Possession दिखाया  जाता है।
In these three sentences mine, Sanjay’s, my shows possession hence it is called a Possessive Case where Possession is shown.

तो ये थे कारक तथा उसके प्रकार अब देखते है कि इन्हें किस तरह से लिखा जाता है यहाँ नीचे आपको एक बटन दिखाई दे रहा होगा। जिसमें मैने कारक को हिंदी में भी लिखा है और इंग्लिश में भी इसे समझाया है आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे पढ़ सकते है।
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Noun and the Case – In English Cases define the functions of noun and pronoun and it also tells about how to write a noun and a pronoun properly in English.

अंग्रेजी में कारक के तीन प्रकार है।
There are three types of Cases in English.


1) Subjective or Nominative Case (
कर्ता कारक)
2) Objective Case (कर्म कारक)
3) Possessive Case (सम्बंध कारक)

1) Nominative Case (कर्ता कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्ता अर्थात् subject की तरह कार्य करती है उसे कर्ता कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as a subject of a verb in a sentence, it is called as Nominative case.

आइए कुछ उदाहरण लेकर समझे

अकबर एक महान राजा था।
Akbar was a great king.

रवि
 मेरा दोस्त है।
Ravi is my friend.

वह
 इंदौर में रहता है।
He lives in indore.


इन
तीनों वाक्यों में
Akbar, Ravi, He वाक्य में  was, is, lives के Subject की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Nominative Case कहते है जहां Subject को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences Akbar, Ravi, He is used  as a Subject of was, is, lives so it is called a Nominative Case where Subject is given more importance.

2) Objective Case (कर्म कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्म अर्थात् object की तरह कार्य करते है उसे कर्म कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as an object of a verb in a sentence, it is called as Objective Case.


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1) Matty
आपको अंग्रेजी पढ़ाता है।

Matty teaches you English.


सचिन
ने हमारी मदद की।

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मेरा कल उससे मिलना हुआ। 
I happened to meet him yesterday.


इन
तीनों वाक्यों में
  you, us, him वाक्य में teaches, helped, meet के Object की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Objective Case कहते है जहां Object को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences you, us, him is used as a Object of teaches, helped, meet so it is called a Objective Case where Object is given more importance.

3) Possessive Case (सम्बंध कारक) – जब एक संज्ञा किसी वाक्य में किसी अन्य संज्ञा पर अपना सम्बंध या अधिकार दिखाती हैतो उसे सम्बंध कारक कहते है।
When a Pronoun shows its possession on another noun in a sentence is called as a Possessive Case.


आइए
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यह
 मेरा है।

This/It is mine.

यह कार संजय की है।
This is Sanjay’s Car.

वह मेरा भाई है।
He is my brother.


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तीनों वाक्यों में
  mine, Sanjay’s, my वाक्य में  अधिकार को दर्शाते है इसलिए इसे Possessive Case कहते है जहां Possession दिखाया  जाता है।
In these three sentences mine, Sanjay’s, my shows possession hence it is called a Possessive Case where Possession is shown.

तो ये थे कारक तथा उसके प्रकार अब देखते है कि इन्हें किस तरह से लिखा जाता है यहाँ नीचे आपको एक बटन दिखाई दे रहा होगा। जिसमें मैने कारक को हिंदी में भी लिखा है और इंग्लिश में भी इसे समझाया है आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे पढ़ सकते है।
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Case (कारक) – अंग्रेजी में कारक एक वाक्य में दूसरे शब्दों के साथ उनके संबंध के अनुसार संज्ञा और सर्वनाम के कार्यों को बताता है तथा संज्ञा और सर्वनाम को अंग्रेजी में सही ढंग से कैसे लिखा जाए ये बताता है।
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2) Objective Case (कर्म कारक)
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When a noun or a pronoun acts as a subject of a verb in a sentence, it is called as Nominative case.

आइए कुछ उदाहरण लेकर समझे

अकबर एक महान राजा था।
Akbar was a great king.

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Akbar, Ravi, He वाक्य में  was, is, lives के Subject की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Nominative Case कहते है जहां Subject को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
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  you, us, him वाक्य में teaches, helped, meet के Object की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Objective Case कहते है जहां Object को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences you, us, him is used as a Object of teaches, helped, meet so it is called a Objective Case where Object is given more importance.

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When a Pronoun shows its possession on another noun in a sentence is called as a Possessive Case.


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यह
 मेरा है।

This/It is mine.

यह कार संजय की है।
This is Sanjay’s Car.

वह मेरा भाई है।
He is my brother.


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तीनों वाक्यों में
  mine, Sanjay’s, my वाक्य में  अधिकार को दर्शाते है इसलिए इसे Possessive Case कहते है जहां Possession दिखाया  जाता है।
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तो ये थे कारक तथा उसके प्रकार अब देखते है कि इन्हें किस तरह से लिखा जाता है यहाँ नीचे आपको एक बटन दिखाई दे रहा होगा। जिसमें मैने कारक को हिंदी में भी लिखा है और इंग्लिश में भी इसे समझाया है आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे पढ़ सकते है।
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Case (कारक) – अंग्रेजी में कारक एक वाक्य में दूसरे शब्दों के साथ उनके संबंध के अनुसार संज्ञा और सर्वनाम के कार्यों को बताता है तथा संज्ञा और सर्वनाम को अंग्रेजी में सही ढंग से कैसे लिखा जाए ये बताता है।
Noun and the Case – In English Cases define the functions of noun and pronoun and it also tells about how to write a noun and a pronoun properly in English.

अंग्रेजी में कारक के तीन प्रकार है।
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1) Subjective or Nominative Case (
कर्ता कारक)
2) Objective Case (कर्म कारक)
3) Possessive Case (सम्बंध कारक)

1) Nominative Case (कर्ता कारक) – जब संज्ञा या सर्वनाम किसी वाक्य में क्रिया के कर्ता अर्थात् subject की तरह कार्य करती है उसे कर्ता कारक कहते है।
When a noun or a pronoun acts as a subject of a verb in a sentence, it is called as Nominative case.

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वह
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इन
तीनों वाक्यों में
Akbar, Ravi, He वाक्य में  was, is, lives के Subject की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Nominative Case कहते है जहां Subject को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
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I happened to meet him yesterday.


इन
तीनों वाक्यों में
  you, us, him वाक्य में teaches, helped, meet के Object की तरह प्रयोग हुए है इसलिए इसे Objective Case कहते है जहां Object को ज़्यादा महत्व दिया जाता है।
In these three sentences you, us, him is used as a Object of teaches, helped, meet so it is called a Objective Case where Object is given more importance.

3) Possessive Case (सम्बंध कारक) – जब एक संज्ञा किसी वाक्य में किसी अन्य संज्ञा पर अपना सम्बंध या अधिकार दिखाती हैतो उसे सम्बंध कारक कहते है।
When a Pronoun shows its possession on another noun in a sentence is called as a Possessive Case.


आइए
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 मेरा है।

This/It is mine.

यह कार संजय की है।
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वह मेरा भाई है।
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तीनों वाक्यों में
  mine, Sanjay’s, my वाक्य में  अधिकार को दर्शाते है इसलिए इसे Possessive Case कहते है जहां Possession दिखाया  जाता है।
In these three sentences mine, Sanjay’s, my shows possession hence it is called a Possessive Case where Possession is shown.

तो ये थे कारक तथा उसके प्रकार अब देखते है कि इन्हें किस तरह से लिखा जाता है यहाँ नीचे आपको एक बटन दिखाई दे रहा होगा। जिसमें मैने कारक को हिंदी में भी लिखा है और इंग्लिश में भी इसे समझाया है आप अपनी सुविधा के हिसाब से इसे पढ़ सकते है।
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